The smart Trick of na ki sirf shabd. That Nobody is Discussing
साधना के दौरान मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग नहीं करें।
हम सभी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण कई सालों के बाद आता है और चंद्र ग्रहण तथा सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है.
ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल ।
भैरव की अघोर शक्ति से और सिद्ध मंत्र से किया गया अभिमंत्रित कड़ा यानि कि भैरव कड़ा जो हर तरह की बीमारियों के सामने रक्षण देता हे मसान की खतरनाक शक्तियों के सामने और बुरी आत्मा के सामने रक्षण करता हे जिसको चाहिए वो हमारा कॉन्टैक्ट करके मंगवा सकता हे
जप के समय क्रोध, लड़ाई, चिंता आदि से बचें।
मंत्र जप के दौरान अनुशासन:- मंत्र जाप करते समय मन को एकाग्र रखें। झूठ, क्रोध अथवा किसी भी चिंता से दूर रहें। साधना के दौरान धूम्रपान या अन्य नशा करना भी वर्जित है।
क्योंकि इस समय साधना करने से उन्हें जल्दी ही साधना में सफलता प्राप्त होती है,अगर कोई साधक सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण के समय मंत्र साधना करता है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है.
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मंत्र को गुप्त रखें:- शाबर मंत्र को गुप्त रखना अनिवार्य है। किसी अयोग्य व्यक्ति के साथ मंत्र साझा नहीं करें। साथ ही साधना के समय मौन रहना चाहिए।
मृत्युंजय हवन, गणेश हवन, नवग्रह शांति... इत्यादि
आसन का उपयोग:- कुश, ऊन, या रेशमी आसन पर बैठकर जाप करें। आसन का रंग सफेद, लाल या पीला होना शुभ माना जाता है।
राम-राम क्या करे, चीनी मेरा नाम। सर्वनगरी बस में करूं, मोहूं सारा गांव।राजा की बकरी करूं, नगरी करूं बिलाई। नीचा में ऊंचा करूं, सिद्ध गौरखनाथ का दुहाई।
साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें।
ताकि वह ग्रहण काल में अपनी मनचाही सिद्धि कर पाए, ग्रहण काल में चाहे वैदिक vashikaran मंत्र हो या फिर साबर मंत्र हो दोनों की सिद्धि की जा सकती है और दोनों ही मंत्र बड़ी जल्दी सिद्ध हो जाते हैं.